UPSSSC PET 2026 · Section 1

भारतीय इतिहास

Indian History — सिंधु घाटी से ब्रिटिश राज तक, syllabus के सभी 13 topics | 5 अंक

2500 BCE
सिंधु घाटी
1500 BCE
वैदिक काल
563 BCE
बुद्ध व महावीर
322 BCE
मौर्य वंश
320 CE
गुप्त वंश
606 CE
हर्षवर्धन
8वीं सदी
राजपूत काल
1206 CE
सल्तनत काल
1526 CE
मुगल साम्राज्य
1674 CE
मराठा
1757 CE
ब्रिटिश राज
1857 CE
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
01

सिंधु घाटी की सभ्यता Indus Valley Civilisation · ~2500–1500 BCE

प्रमुख स्थल व उनकी खास पहचान

हड़प्पापंजाब (पाकिस्तान) — सबसे पहले खोजा गया स्थल (1921)
मोहनजोदड़ोसिंध — "मृतकों का टीला", महान स्नानागार, अन्नागार
लोथलगुजरात — गोदी (Dockyard), मनका बनाने का केंद्र
कालीबंगनराजस्थान — जुते हुए खेत के प्रमाण, अग्निकुंड
धौलावीरागुजरात — जल संरक्षण प्रणाली, 3 भागों में बंटा नगर
राखीगढ़ीहरियाणा — भारत का सबसे बड़ा स्थल

नगर योजना की संरचना

सिंधु घाटी नगर
↓
दुर्ग (Citadel) — पश्चिम
+
निचला नगर — पूर्व
ग्रिड पैटर्न में सड़कें, पक्की ईंटों के मकान, ढकी हुई जल निकासी व्यवस्था (drainage) — यह इस सभ्यता की सबसे बड़ी विशेषता मानी जाती है।

याद रखने योग्य बिंदु

  • अर्थव्यवस्था: कृषि (गेहूं, जौ) + मेसोपोटामिया से व्यापार (मुहरों के प्रमाण)
  • लिपि: चित्रात्मक (Pictographic) — अभी तक पढ़ी नहीं जा सकी है
  • धातु: तांबा व कांस्य प्रयोग (लौह का प्रयोग नहीं मिलता)
  • पतन के संभावित कारण: बाढ़, नदी मार्ग परिवर्तन, जलवायु परिवर्तन (आर्य-आक्रमण सिद्धांत अब विवादित)
02

वैदिक संस्कृति Vedic Culture · ~1500–600 BCE

दो कालखंड

ऋग्वैदिक काल (1500–1000 BCE)
अर्थव्यवस्थापशुपालन प्रधान, गाय ही धन
राजनीतिकबीलाई, सभा व समिति द्वारा नियंत्रण
उत्तर वैदिक काल (1000–600 BCE)
अर्थव्यवस्थाकृषि प्रधान, लोहे का प्रयोग शुरू
राजनीतिराजतंत्र मजबूत, महाजनपदों का उदय

चार वेद

ऋग्वेद — मंत्र/स्तुतियाँ
→
सामवेद — संगीत
→
यजुर्वेद — यज्ञ विधि
→
अथर्ववेद — तंत्र-मंत्र

वर्ण व्यवस्था (सामाजिक संरचना)

ब्राह्मण — शिक्षा/पुरोहित
↓
क्षत्रिय — शासन/युद्ध
↓
वैश्य — व्यापार/कृषि
↓
शूद्र — सेवा
16 महाजनपद: मगध, कोशल, वत्स, अवंति आदि उत्तर वैदिक काल के अंत में उभरे — इनमें से मगध सबसे शक्तिशाली बनकर उभरा।
03

बौद्ध धर्म — गौतम बुद्ध Buddhism · जन्म 563 BCE

जीवन-यात्रा

जन्म — लुंबिनी
→
ज्ञान प्राप्ति — बोधगया
→
प्रथम उपदेश — सारनाथ
→
महापरिनिर्वाण — कुशीनगर

चार आर्य सत्य

  • दुःख है (जीवन में दुःख व्याप्त है)
  • दुःख का कारण है (तृष्णा/इच्छा)
  • दुःख का निवारण संभव है
  • निवारण का मार्ग है — अष्टांगिक मार्ग

अष्टांगिक मार्ग (मुख्य 4)

  • सम्यक् दृष्टि
  • सम्यक् संकल्प
  • सम्यक् वाणी
  • सम्यक् कर्मान्त, आजीव, व्यायाम, स्मृति, समाधि
बौद्ध धर्म ने जाति व्यवस्था और यज्ञ-कर्मकांड का विरोध किया, इसीलिए यह वैश्य व शूद्र वर्ग में तेज़ी से लोकप्रिय हुआ।
04

जैन धर्म — महावीर Jainism · जन्म वैशाली, 24वें तीर्थंकर

त्रिरत्न (Three Jewels)

सम्यक् दर्शन
+
सम्यक् ज्ञान
+
सम्यक् चरित्र

पंच महाव्रत

  • अहिंसा — किसी जीव को हानि न पहुँचाना
  • सत्य
  • अस्तेय — चोरी न करना
  • अपरिग्रह — संग्रह न करना
  • ब्रह्मचर्य (महावीर द्वारा जोड़ा गया 5वां व्रत)
महावीर से पहले 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ थे, जिन्होंने पहले 4 व्रत दिए थे। जैन धर्म बाद में श्वेतांबर व दिगंबर दो शाखाओं में बंटा।
05

मौर्य वंश — सम्राट अशोक Maurya Dynasty · 322 BCE स्थापना

वंशावली

चंद्रगुप्त मौर्य (322–298 BCE) — संस्थापक, गुरु चाणक्य
↓
बिन्दुसार (298–273 BCE)
↓
अशोक महान (268–232 BCE)

अशोक — कलिंग युद्ध का प्रभाव

261 BCE कलिंग युद्ध
→
भारी नरसंहार देखा
→
युद्ध त्याग
→
बौद्ध धर्म अपनाया
→
"धम्म" नीति अपनाई
अशोक ने अपने आदेश शिलालेखों व स्तंभलेखों पर ब्राह्मी लिपि में लिखवाए। सारनाथ स्तंभ का सिंह-शीर्ष आज भारत का राष्ट्रीय चिह्न है।
06

गुप्त वंश Gupta Dynasty · स्वर्ण युग · ~320 CE

वंशावली

श्रीगुप्त / चंद्रगुप्त प्रथम (320 CE) — संस्थापक
↓
समुद्रगुप्त (335–375 CE)
↓
चंद्रगुप्त द्वितीय / विक्रमादित्य (375–415 CE)

समुद्रगुप्त

  • "भारत का नेपोलियन" कहा जाता है — विशाल विजय अभियान
  • उपलब्धि प्रयाग प्रशस्ति (हरिषेण रचित) में दर्ज
  • वीणा वादन में निपुण, कुशल शासक व योद्धा

चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)

  • दरबार में "नवरत्न" — कालिदास प्रमुख
  • चीनी यात्री फाह्यान इसी काल में भारत आया
  • शक शासकों को हराकर "विक्रमादित्य" उपाधि ली
गुप्त काल में कला, विज्ञान (आर्यभट्ट), साहित्य व गणित का अभूतपूर्व विकास हुआ — इसीलिए इसे भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है।
07

हर्षवर्धन Harshavardhana · 606–647 CE

राजधानीकन्नौज (थानेश्वर से स्थानांतरित)
जीवनी ग्रंथहर्षचरित — बाणभट्ट द्वारा रचित
स्वयं की रचनाएंनाटक: रत्नावली, प्रियदर्शिका, नागानंद
चीनी यात्रीह्वेनसांग हर्ष के काल में भारत आया, नालंदा में अध्ययन किया
हारदक्षिण विस्तार के प्रयास में चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय से पराजित
हर्ष की मृत्यु के बाद उसका कोई उत्तराधिकारी न होने से उत्तर भारत में राजनीतिक विघटन शुरू हुआ — इसी शून्य से आगे चलकर राजपूत काल का उदय हुआ।
08

राजपूत काल Rajput Period · 8वीं–12वीं सदी

प्रमुख राजपूत वंश

प्रतिहारकन्नौज — मिहिर भोज प्रमुख शासक
चौहानअजमेर/दिल्ली — पृथ्वीराज चौहान अंतिम शासक
परमारमालवा — राजा भोज (शिक्षा-कला संरक्षक)
चालुक्य/सोलंकीगुजरात — सोमनाथ मंदिर से संबद्ध

तराइन के युद्ध — निर्णायक मोड़

प्रथम युद्ध 1191 — पृथ्वीराज चौहान विजयी
→
द्वितीय युद्ध 1192 — मुहम्मद गौरी विजयी
1192 की हार ने उत्तर भारत में दिल्ली सल्तनत की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
09

सल्तनत काल Delhi Sultanate · 1206–1526 CE

पाँच राजवंश

गुलाम वंश (1206–90) — कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश, रज़िया सुल्तान
↓
खिलजी वंश (1290–1320) — अलाउद्दीन खिलजी
↓
तुगलक वंश (1320–1414) — मुहम्मद बिन तुगलक
↓
सैयद वंश (1414–51)
↓
लोदी वंश (1451–1526) — इब्राहीम लोदी (अंतिम)

महत्वपूर्ण शासक

  • कुतुबुद्दीन ऐबक — कुतुब मीनार का निर्माण शुरू किया
  • इल्तुतमिश — "इक्ता" व्यवस्था, चांदी का टका चलाया
  • अलाउद्दीन खिलजी — बाजार नियंत्रण नीति, मंगोल आक्रमण रोके

याद रखें

  • मुहम्मद बिन तुगलक — राजधानी स्थानांतरण (दिल्ली→दौलताबाद), प्रतीकात्मक मुद्रा
  • 1526 — इब्राहीम लोदी की पानीपत के प्रथम युद्ध में हार से सल्तनत समाप्त
10

मुगल साम्राज्य Mughal Empire · 1526–1857 CE

प्रमुख शासकों का क्रम

बाबर (1526–30)
→
हुमायूं (1530–56)
→
अकबर (1556–1605)
→
जहांगीर (1605–27)
→
शाहजहां (1628–58)
→
औरंगजेब (1658–1707)

बाबर व अकबर

  • बाबर — पानीपत प्रथम युद्ध (1526) में इब्राहीम लोदी को हराया
  • अकबर — "दीन-ए-इलाही" व "सुलह-ए-कुल" नीति, मनसबदारी व्यवस्था
  • अकबर का दरबार — नवरत्न (बीरबल, तानसेन आदि)

शाहजहां व औरंगजेब

  • शाहजहां — ताजमहल, लाल किला, जामा मस्जिद का निर्माण
  • औरंगजेब — साम्राज्य का अधिकतम भौगोलिक विस्तार, पर धार्मिक असहिष्णु नीतियां
  • औरंगजेब के बाद साम्राज्य का पतन शुरू
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मराठा Marathas · शिवाजी राज्याभिषेक 1674

शिवाजी महाराज व अष्टप्रधान

छत्रपति शिवाजी महाराज
↓
अष्टप्रधान — 8 मंत्रियों की परिषद (पेशवा, सर-ए-नौबत, अमात्य, वाकयानवीस आदि) प्रशासन में सहयोग हेतु स्थापित की गई।

पेशवा काल

  • शिवाजी के बाद वास्तविक सत्ता धीरे-धीरे पेशवाओं (प्रधानमंत्री) के हाथ में आ गई
  • बालाजी विश्वनाथ, बाजीराव प्रथम प्रमुख पेशवा
  • 1761 — तृतीय पानीपत युद्ध में अहमद शाह अब्दाली से मराठों की करारी हार, विस्तार को झटका
12

ब्रिटिश राज का अभ्युदय एवं प्रथम स्वतंत्रता संग्राम

सत्ता स्थापना की कड़ियाँ

1600 — ईस्ट इंडिया कंपनी स्थापना
→
1757 — प्लासी युद्ध (सिराजुद्दौला हार)
→
1764 — बक्सर युद्ध
→
1765 — दीवानी अधिकार (बंगाल)
प्लासी का युद्ध (1757) भारत में ब्रिटिश राजनीतिक सत्ता की नींव माना जाता है — रॉबर्ट क्लाइव की इसमें मुख्य भूमिका रही।

1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम

शुरुआत10 मई 1857, मेरठ — चर्बी वाले कारतूसों को लेकर असंतोष
प्रमुख नेतामंगल पांडे (बैरकपुर), रानी लक्ष्मीबाई (झांसी), नाना साहेब (कानपुर), बहादुर शाह जफर (दिल्ली — नाममात्र नेतृत्व), तात्या टोपे, बेगम हजरत महल (लखनऊ)
परिणामविद्रोह असफल — 1858 में कंपनी शासन समाप्त, सत्ता सीधे ब्रिटिश ताज (Crown) के हाथ
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ब्रिटिश राज का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव

भूमि राजस्व व्यवस्थाएं

जमींदारी व्यवस्थालॉर्ड कार्नवालिस (1793), बंगाल-बिहार — भू-स्वामी जमींदार
रैयतवाड़ी व्यवस्थामद्रास व बॉम्बे — किसान (रैयत) सीधे सरकार को कर देता था
महालवाड़ी व्यवस्था — उत्तर भारत (अवध, पंजाब) में लागू, गाँव/महाल इकाई के रूप में कर निर्धारण।

सामाजिक सुधार

  • राजा राममोहन राय — ब्रह्म समाज, सती प्रथा उन्मूलन (1829)
  • ईश्वरचंद्र विद्यासागर — विधवा पुनर्विवाह
  • 1856 — बाल विवाह पर विरोध, शिक्षा सुधार (मैकाले शिक्षा नीति 1835)

आर्थिक प्रभाव

  • Deindustrialisation — पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योग (कपड़ा) का पतन
  • Drain of Wealth सिद्धांत — दादाभाई नौरोजी
  • रेलवे व टेलीग्राफ का विस्तार — मुख्यतः ब्रिटिश हितों हेतु
  • भारत कच्चे माल का निर्यातक व तैयार माल का आयातक बन गया